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प्रचार खिडकी

रविवार, 28 दिसंबर 2014

कुछ बिखरे सिमटे आखर
















 



शनिवार, 27 दिसंबर 2014

कुछ शब्द चित्र ...


....... फ़ोटो खींचने और सहेज़ने की स्वाभाविक सी आदत कब शौक बन गई पता ही नहीं चला , अब उन सहेज़ी गई फ़ोटो को "शब्द-चित्रों" के रूप में प्रस्तुत करने का एक प्रयास किया है .............











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