प्रचार खिडकी

शुक्रवार, 3 जनवरी 2020

ज़िंदगी और मुहब्बत के नाम



दो पंक्तियों में लिखे हुए कुछ शब्द जो मुहब्बत और ज़िंदगी के फलसफों को समझने के लिए लिखे गए | देखिये आप भी , इन्हें मैं अनाम आदमी के नाम से अलग अलग मंचों पर साझा करता रहा हूँ | यदि प्रयास पसंद आए तो चैनल के साथी बनें |



शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

वो सब बता गया








एक ही निगाह में ,वो सब बता गया 
दर्द का पूछा तो ,मज़हब बता गया 

अंदाज़ा मुझे भी इंकार का ही था 
यक़ीन हुआ नाम गलत जब बता गया 

हाथ मिलाया तो नज़रें जेब पर थीं 
यार मिलने का यूं सबब बता गया 

लूटता रहा गरीबों को ताउम्र जो 
पूछने पर ख़ुद को साहब बता गया 

वादे कमाल के किये उसने ,मुकरा तो 
कभी उन्हें अदा ,कभी करतब बता गया 

बता देता राज़ तो तमाशा ही न होता 
खेल ख़त्म हुआ ,वो तब बता गया 

मंगलवार, 27 अगस्त 2019

मेरा कत्ल किसने किया


चंद पंक्तियाँ ,बेतरतीब ,बिखरी ,सिमटी हुई , आप खुद देखें














Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...