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प्रचार खिडकी

बुधवार, 2 जून 2010

आज के "डेली हिन्द मिलाप" , (हैदराबाद ),तथा "सच कहूं" सिरसा, में में प्रकाशित मेरा एक आलेख

दैनिक सच कहूं सिरसा में प्रकाशित



आज के दैनिक डेली हिन्द मिलाप , हैदराबाद में प्रकाशित

(आलेख को पढने के लिए उसे चटकाएं, और अलग से खुली खिडकी में,
दिखने वाली छवि को चटका कर आराम से पढा जा सकता है ) , इस आलेख
को आप ब्लोग पोस्ट के रूप में पहले भी पढ चुके हैं ।

10 टिप्‍पणियां:

  1. विचारणीय और तथ्यों पर आधारित सच्चाई को खोजती रचना को पढवाने के लिए धन्यवाद |

    उत्तर देंहटाएं
  2. सादर वन्दे !
    इस खेल का खेल समझाने के लिए धन्यवाद !
    रत्नेश त्रिपाठी

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज रात पढि़ए ब्‍लोग जगत के महारथी महामानव फुरसतिया सर को समर्पित कविता। दोबारा याद नहीं कराऊंगी। खुद ही आ जाना अगर मौज लेनी हो, अब तक तो वे ही लेते रहेंगे, देखिएगा कि देते हुए कैसे लगते हैं फुरसतिया सर।

    उत्तर देंहटाएं
  4. क्रोध पर नियंत्रण स्वभाविक व्यवहार से ही संभव है जो साधना से कम नहीं है।

    आइये क्रोध को शांत करने का उपाय अपनायें !

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  5. खेलों से हमें भी बड़ी उम्मीदे हैं । अब देखते हैं कितनी पूरी होती हैं ।
    बधाई।

    उत्तर देंहटाएं

टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....

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