इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

प्रचार खिडकी

शुक्रवार, 1 अक्तूबर 2010

पोस्ट लिखिए और नोट छापिए ......अरे सच्ची मुच्ची यार .....झा जी लिखिन ..


अब तक हम आपको ..अपने आलेखों की प्रतियां ..यहां छाप छाप के ....जबरिया पढाते रहे हैं न ........चलिए आज आपको ...पोस्ट , प्रैस , और फ़िर पोस्ट के चक्र ...और उस बीच में नोट वर्षा के बारे में बताते हैं । देखिए कित्ता आसान है ...पहले ..आप पोस्ट लिखिए ..। अरे पोस्ट का मतलब पोस्ट ही होना चाहिए ...ये न हो कि ..पोस्ट के बदले ..पोस्टमार्टम ...हो ..। इसके बाद उसकी कॉपी को आप सभी संपादकों ( समाचार पत्रों , साप्ताहिकों , और पत्रिकाओं के ) को मेल कर दें । ध्यान रहे कि साथ में आपका शपथ पत्र अवश्य होना चाहिए कि , साथ संलग्न रचना , मौलिक रूप से आपकी ही है , और इसका कोई भी अंश या पूरा आलेख कहीं अन्यत्र से नहीं लिया गया है । बस आपका काम खत्म , रचना के छपते ही ..एक तो वो लाखों पाठकों के बीच पहुंच जाता है .....छपने के बाद आप उसे पुन: पोस्ट के रूप में अपने ब्लॉग पर लगा सकते हैं , ताकि उससे दूसरे भी प्रेरणा ले सकें ....दूसरा फ़ायदा ये कि ...मीटर डाऊन ...सो मजे से चैक का इंतज़ार करिए ।

अब भईया ..गूगल बाबा का अकाऊंट तो साला पहले ही टैं बोला हुआ है ..कम से कम ..हम हिंदी ब्लॉगर्स के लिए तो जरूर ही ...सो यही सही ..क्यों क्या ख्याल है आपका । लिजिए...फ़ॉर योर रेडी रेफ़रेंस .....एक ठो ताजा ताजा आए चैक का नमूना इहां पेश किए दे रहे हैं ... अभी पिछले महीने जागरण जंक्शन का ग्यारह सौ का चैक वाला ईनाम तो आपको याद ही होगा .....तो बस शुरू हो जाईये ...और कौनो दिक्कत हो ..तो ..हम हूं न .....

9 टिप्‍पणियां:

  1. आप ऐसा और करें कि प्रमुख समाचार पत्रों के ईमेल यहाँ प्रकाशित कर दें, जिससे लोग चाहे तो अपनी पोस्‍ट को उन्‍हें भेज सकेंगे। वैसे आपको बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  2. ये तो बहुत बढिया तरीका है और अजीत जी का भी कहना सही है अगर ऐसा हो जाये तो काफ़ी लोगों को फ़ायदा होगा…………………बहुत बहुत बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत बढिया तरीका है ……………बहुत बहुत
    बहुत बहुत
    बहुत बहुत
    बहुत बहुत
    .........बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  4. भाई सारे अखबारों के ई मेल एड्रेस दे दें तो मेहरबानी होगी ।
    यह भी बतादें जनता को कि एक ही आर्टिकल सब अखबरों में भेजें या अलग अलग ।
    बाकी चेक देखकर अच्छा लगा । बधाई ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. शरद भैया वाली दरख्वास्त मेरी भी है... वैसे मुझे तो बहुत समय लगेगा अभी इस स्तर के लेखन के लिए...

    उत्तर देंहटाएं
  6. धन्यबाद जानकारी बहुत ही बढ़िया है |

    उत्तर देंहटाएं

टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Google+ Followers