
तेरे बिना,
मेरे घर को,
रोशन नहीं,
करतें हैं,
दिन के,
उजाले भी॥
तेरे बिना,
मुझ से,
नहीं संभलती,
खुशियाँ,
मेरे संभाले भी॥
तेरे बिना,
कहाँ सुरूर,
दे पाते हैं,
पैमाने और,
प्याले भी॥
तेरे बिना,
मुमकिन नहीं था,
कि कहलाते , कभी,
बेवफा भी,
दिलवाले भी॥
तेरे बिना,
कहाँ दस्तक
देती है खुशी,
कहाँ टलते हैं,
गम, मुझ अकेले ,
के टाले भी..
तेरे बिना,
पानी का सोता,
प्यास नहीं बुझाता,
भूख नहीं मिटाते,
रोटी के,
निवाले भी॥
मुझे मंज़ूर है,
उससे ,
बगावत भी ,
तेरे बिना,
नहीं करूंगा,
मैं ख़ुद को,
खुदा के,
हवाले भी॥
हाँ सच, तेरे बिना मेरा वजूद ही कहीं नहीं है.........................
मेरे घर को,
रोशन नहीं,
करतें हैं,
दिन के,
उजाले भी॥
तेरे बिना,
मुझ से,
नहीं संभलती,
खुशियाँ,
मेरे संभाले भी॥
तेरे बिना,
कहाँ सुरूर,
दे पाते हैं,
पैमाने और,
प्याले भी॥
तेरे बिना,
मुमकिन नहीं था,
कि कहलाते , कभी,
बेवफा भी,
दिलवाले भी॥
तेरे बिना,
कहाँ दस्तक
देती है खुशी,
कहाँ टलते हैं,
गम, मुझ अकेले ,
के टाले भी..
तेरे बिना,
पानी का सोता,
प्यास नहीं बुझाता,
भूख नहीं मिटाते,
रोटी के,
निवाले भी॥
मुझे मंज़ूर है,
उससे ,
बगावत भी ,
तेरे बिना,
नहीं करूंगा,
मैं ख़ुद को,
खुदा के,
हवाले भी॥
हाँ सच, तेरे बिना मेरा वजूद ही कहीं नहीं है.........................
तेरे बिना....
जवाब देंहटाएंpooree rchna bahut achhee lgee.
तेरे बिना,
जवाब देंहटाएंकहाँ सुरूर,
दे पाते हैं,
पैमाने और,
प्याले भी॥
बहुत सुंदर पंक्तियों के साथ.... बहुत सुंदर रचना....
तेरे बिना कविता
जवाब देंहटाएंतेरे बिना प्यार
तेरे बिना स्रिन्गार
कुछ भी नही भाता
किससे खेलू होली
कान्हा तेरे बिना
मुझे मंज़ूर है,
जवाब देंहटाएंउससे ,
बगावत भी ,
तेरे बिना,
नहीं करूंगा,
मैं ख़ुद को,
खुदा के,
हवाले भी॥
वाह! क्या बात कही....बेहतरीन रचना!
सादर
http://kavyamanjusha.blogspot.com/
हाँ सच, तेरे बिना मेरा वजूद ही कहीं नहीं है.....
जवाब देंहटाएंवजूद जब वजूद से मिलता है तो एक नया वजूद बनता है.
और फिर --
यह रचना जन्म लेती है
बहुत खूब
प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति ।
जवाब देंहटाएंरचना क़ाबिले-तारीफ़ है।
जवाब देंहटाएंहाँ सच, तेरे बिना मेरा वजूद ही कहीं नहीं है, बिलकुल सही कहा आप ने... बहुत ही सुंदर रचना कही आप ने.
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
वजूद जब वजूद से मिलता है तो एक नया वजूद बनता है.
जवाब देंहटाएंऔर फिर --
यह रचना जन्म लेती है
बहुत खूब
वाह..........बहुत ही बढिया बात कही है.......गज़ब की प्रस्तुति.
जवाब देंहटाएंलाजवाब पंक्तियाँ
जवाब देंहटाएंबढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.
दिल को छू रही है यह कविता .......... सत्य की बेहद करीब है ..........
जवाब देंहटाएं