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प्रचार खिडकी

सोमवार, 19 अप्रैल 2010

ब्लोग पोस्ट की ब्लोग पोस्ट और आलेख का आलेख (कुछ प्रकाशित पोस्ट्स/आलेख )

ब्लोग्गिंग में जब से आया था तभी से प्रिंट के लिए आलेख , व्यंग्य आदि के लिए कम समय मिल पा रहा था। जब शिकायत ज्यादा हो गई तो पुन: वहां भी अपनी सक्रियता बढानी पडी। मगर फ़िर यकायक एक आईडिया और मेरे मन में आया कि सोचा क्यों कुछ इस तरह से लिखा जाए कि वो ब्लोगपोस्ट की ब्लोग पोस्ट बनें और प्रकाशित होने के लिए एक लेख भी बस आईडिए पर अमल करते हुए उसे प्रयोग में लाया गया नतीजा आपके सामने है ये देखिए मेरी दो ब्लोग पोस्टें जो आलेख के रूप में आपके सामने हैं

दिल्ली से छपने वाले एक दैनिक " महामेधा" टाईम्स में प्रकाशित आलेख






आलेख को बडा करके पढने के उस पर चटका लगा सकते हैं आप ,


यदि आपको लगता है कि आप भी ऐसा करना चाहते हैं और कर सकते हैं तो फ़िर देर किस बात की है , कोशिश करिए और हां यदि मेरी कोई मदद चाहिए तो फ़िर मैं हूं चलते चलते ये बता दूं कि "ब्लोग बातें "के तीसरे अंक के लिए विषय है थरूर प्रकरण, आप बेहिचक बेझिझक इस पर लिखी गई अपनी और किसी की भी पोस्ट का लिंक मुझे भेज सकते हैं मेरे मेल बक्से में बहुत जल्द ही ब्लोग बातें की प्रति आप ब्लोग औन प्रिंट पर देख सकेंगे ।तो आप सबको बहुत बहुत शुभकामनाएं

11 टिप्‍पणियां:

  1. Main manwiy aur samajik shodh ke chhetr me 19 warshon se hun par blogging ke kshetr main naya hun lekin kuchh blogron ke post aur wiwechna ko padhkar lagta hai ki kya yar khan aagaya hun ? wahin kuchh aap jaise blogar ke blog ka samajik aur desh hit main sadupyog ko dekhkar blogging ko samanantar midia ke roop main milkar sthapit karne ki sochta hun.aasha hai blog ke jariye aapka ye bhagirathi pryas jari rahkar bhrstachar ko bhi jroor mitayega.

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  2. बहुत बढ़िया आइडिया..वैसे आलेख भी बढ़िया सामयिक है...हम भी प्रयास करेंगे...धन्यवाद भैया

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  3. यही मेरा भी आजमूदा फार्मूला रहा है -आम के आम गुठलियों के दाम !

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  4. आइडिया तो अच्छा है पर कार्टून के नाम पर अख़बार वाले पहले से ही बद्हज़्मी की शिकायत करते नहीं अघाते :)-

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  5. हमें तो आपकी रोजमर्रा की बाते चाहिए।

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  6. हार्दिक शुभ कामनाएं
    आपका यश मुझे अपने यश की तरह लगता है

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  7. बहुत सुन्दर यह इस तरह अधिक लोग़ों तक पहुंचती है

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टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....

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