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प्रचार खिडकी

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2010

अभिव्यक्ति ......


अभिव्यक्ति ......

मन के भाव ,
स्नेह और ताव,
अभिव्यक्ति...

नयन बचन,
क्रुद्ध क्रंदन ,
अभिव्यक्ति ,

मौन कभी ,
कभी प्रखर मुखर ,
अभिव्यक्ति ,

कभी राग द्वेष,
कभी स्नेह क्लेश,
अभिव्यक्ति ,

संताप कभी ,
प्रलाप कभी ,
अभिव्यक्ति ,

परिभाषित कर
पाया कहां इसे,
अभी व्यक्ति .....


अभिव्यक्ति ..अभिव्यक्ति ..अभिव्यक्ति ....॥

9 टिप्‍पणियां:

  1. परिभाषित कर
    पाया कहां इसे,
    अभी व्यक्ति .....
    और शायद कर भी नहीं पायेगा.
    सुन्दर अभिव्यक्ति, वाह

    उत्तर देंहटाएं
  2. ये ही जीवन के रंग है इन्हीं पर जीवन जीना पड़ता है ... ....सुन्दर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब....अच्छी अभी व्यक्ति ( अभिव्यक्ति)

    उत्तर देंहटाएं
  4. बढ़िया अभिव्यक्ति के लिए शुभकामनायें भैया !

    उत्तर देंहटाएं
  5. वाह खूब अभिव्यक्त किया है भावों को आपने.

    उत्तर देंहटाएं
  6. वाह खूब अभिव्यक्त किया है भावों को आपने.

    उत्तर देंहटाएं

टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....

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