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प्रचार खिडकी

शनिवार, 27 मार्च 2010

शहीद डे मनाता स्कूल ( आज हरिभूमि में प्रकाशित मेरा एक व्यंग्य )


        व्यंग्य  को पढने के लिए उस पर चटका लगाए या औनलाईन पढने के लिए इस यहां जा सकते हैं

13 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया
    हा हा हा तीखा व्यंग

    उत्तर देंहटाएं
  2. आज अभी तक नाईस भाई साहब नही आये तो हमीं नाईस कह देते है जी

    उत्तर देंहटाएं
  3. आज के सामाजिक वातावरण पर बहुत ही तीखा व्यंग्य है। शुभकामनाएँ।

    प्रमोद ताम्बट
    भोपाल
    www.vyangya.blog.co.in
    www.vyangyalok.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही तीखा व्यंग्य है। शुभकामनाएँ।

    उत्तर देंहटाएं

टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....

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