बहुत-बहुत बधाई
आप जटायु बनते थे...मुझे डाऊट था पहले से..हा हा!!बहुत बधाई....’सकारात्मक सोच के साथ हिन्दी एवं हिन्दी चिट्ठाकारी के प्रचार एवं प्रसार में योगदान दें.’-त्रुटियों की तरफ ध्यान दिलाना जरुरी है किन्तु प्रोत्साहन उससे भी अधिक जरुरी है.नोबल पुरुस्कार विजेता एन्टोने फ्रान्स का कहना था कि '९०% सीख प्रोत्साहान देता है.'कृपया सह-चिट्ठाकारों को प्रोत्साहित करने में न हिचकिचायें.-सादर, समीर लाल ’समीर’
वैसे आपका अनुभव है १००% सही
मजेदार अजय जी मज़ा आ गया लगता है आपको जटाऊ के रोल बहुत मिले है...व्यंग बहुत बढ़िया लगा ..हमारी ओर से बधाई स्वीकारें
संदर्भ : ब्लॉगर सम्मान समारोह 2009 एकदम सटीक।
बहुत बढ़्या बधाई हो
मजे दार जी, बहुत सुंदर
सच को बयाँ नहीं करने से वाकई इंसान मर जाता हैबहुत खूबसूरत रचना
टोकरी में जो भी होता है...उसे उडेलता रहता हूँ..मगर उसे यहाँ उडेलने के बाद उम्मीद रहती है कि....आपकी अनमोल टिप्पणियों से उसे भर ही लूँगा...मेरी उम्मीद ठीक है न.....
बहुत-बहुत बधाई
जवाब देंहटाएंआप जटायु बनते थे...मुझे डाऊट था पहले से..हा हा!!
जवाब देंहटाएंबहुत बधाई.
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’सकारात्मक सोच के साथ हिन्दी एवं हिन्दी चिट्ठाकारी के प्रचार एवं प्रसार में योगदान दें.’
-त्रुटियों की तरफ ध्यान दिलाना जरुरी है किन्तु प्रोत्साहन उससे भी अधिक जरुरी है.
नोबल पुरुस्कार विजेता एन्टोने फ्रान्स का कहना था कि '९०% सीख प्रोत्साहान देता है.'
कृपया सह-चिट्ठाकारों को प्रोत्साहित करने में न हिचकिचायें.
-सादर,
समीर लाल ’समीर’
वैसे आपका अनुभव है १००% सही
जवाब देंहटाएंमजेदार अजय जी मज़ा आ गया लगता है आपको जटाऊ के रोल बहुत मिले है...व्यंग बहुत बढ़िया लगा ..हमारी ओर से बधाई स्वीकारें
जवाब देंहटाएंसंदर्भ : ब्लॉगर सम्मान समारोह 2009 एकदम सटीक।
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़्या बधाई हो
जवाब देंहटाएंमजे दार जी, बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंबहुत-बहुत बधाई
जवाब देंहटाएंसच को बयाँ नहीं करने से वाकई इंसान मर जाता है
जवाब देंहटाएंबहुत खूबसूरत रचना